Mangalmay Channel

क्या साईं सम्पत्ति को वक्फ़ बोर्ड में शामिल करने का षडयंत्र है?

साईं बाबा के विरुद्ध क्यों सुरु हुवा बदनामी का अभियान ?
क्या शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद इसके मोहरा बने या राजनीती का शिकार ?
क्या यह अचानक हुवा या इसके पीछे कोई लम्बा षढ़यंत्र है ?
जो आपने किसी चैनल पर नही देखा !
देखिये साईं के विवाद पर सबसे बड़ा और नया खुलासा !
क्या है सच्चर कमिटी के रिपोर्ट से इस विवाद का लिंक ?
क्या और क्यों है साईं बाबा को सूफी संत साबित करने का प्लान ?
क्या साईं के सम्प्पति को मुस्लिमों के वक्फ बोर्ड में सामिल करने का षढ़यंत्र है?
देखिये बिंदास बोल में
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4 thoughts on “क्या साईं सम्पत्ति को वक्फ़ बोर्ड में शामिल करने का षडयंत्र है?

  1. कटु सत्य—क्या आप जानते है??
    1-साईं का असली नाम चाँद मियाँ था।
    2-साईं ने कभी अपने जीवन में 2 गाव से बहार
    कदम नहीं रखा।
    3-साईं सत्चारित में 10 बार से अधिक”अल्लाह
    मालिक” आया है। परन्तु एक बारभी ॐ
    नहीं आया।
    4-साईं के समय में उसके आस पास के राज्यों में
    भयंकर अकाल पड़ा। परन्तु साईं भगवान्
    (भक्तो के
    अनुसार)ने गरीबो की मदद
    करना जरूरी नहीं समझा।
    5-साईं का जन्म 1834 में हुआ। पर इन्होने
    धर्म
    युद्ध (आजादी की लड़ाई) में भारतीयों की मदद
    करना जरूरी नहीं समझा ।(पता नहीं क्यों अगर ये
    राम कृष्ण के अवतार थे। तो इन्हें मदद
    करनी चाहिए थी। क्युकी कृष्ण जी का हीकहना है
    की धर्म युद्ध में सभी को भाग लेना पड़ता है।
    स्वयं कृष्ण जी ने महा भारत में पांडवो का मार्ग
    दर्शन किया।और वक़्त आने पर शस्त्र
    भी उठाया। राम जी ने भी यही किया।पर
    पता नहीं साईं कहा थे)
    6-साईं भोजन से पहले फातिमा,कुरान पढ़ते थे।
    परन्तु कभी गीता और रामायण नहीं पढ़ी न
    ही कोई वेद। वाह कमाल के भगवान थे।
    7-साईं अपने भक्तो को प्रशाद के रूप में मॉस
    चावल (नमकीन चावल) देते थे। खास कर
    ब्राह्मण
    भक्तो को।ये तो संभव ही नहीं की कोई भगवान्
    का रूप ऐसा करे ।)
    8-साईं जात के यवनी(मुसलमान) थे। और
    मस्जिद में रहते थे। लेकिन आज कल उसे
    ब्राह्मण
    दिखने का प्रयास चल रहा है (प्रश्न-
    क्या ब्राह्मण मस्जिदों मे रहते है)
    नोट-ये सारी बाते स्वयं” साईं सत्चारित “में
    देखे।
    यहाँ पर एक भी बात मनगढ़ंत नहीं है।
    ये हमारी एक कोशिश है अन्धेहिन्दुओ कोजगाने
    की ।
    लेकिन हो सकता है की मै गलत होऊ क्युकी भैस
    के आगे बीन बजाने का कोई लाभ नहीं होता।

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  2. Pingback: Terror of Paid Media again! | Indianpaidmedia

  3. कभी सोनिया गाँधी को किसी साधू संत
    के पास जाते देखा है ???
    सोनिया और सभी कांग्रेसी आखिर इसी
    शंकराचार्य के पास ही क्योँ जाते है ।
    विश्वास नहीं होता तो फोटो देख लो
    यह शंकराचार्य कांग्रेसी एजेंट है
    शंकराचार्य स्वरूपानंद जी इस्लामी देशो
    की भाँती अपने
    देश का माहोल बिगाड़ना चाहते हैं।
    इसमें कोई संदेह नही की यह सबकुछ कांग्रेस
    के इशारे पर हो रहा है।
    इस तरह की परिस्थिति बनाने की कोशिश
    की जा सकती है की हिन्दू आपस में लड़
    पड़े जिससे मुस्लिमो के आतंक पर पर्दा भी डल
    जाए और हिन्दू कमजोर भी हो जाए।
    मै अपने हिन्दू भाईयों से अपील करता हूँ की
    वे हिन्दू विरोधी मिडिया , कांग्रेस और इस
    कांग्रेसी शंकराचार्य से सावधान रहें। क्योकि ये
    सब हमारे भारत देश को हिन्दू राष्ट्र बनने के
    मार्ग पर बड़े विषैले कंटक हैं। ये हमारे विश्वास
    को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं ,अगर
    इस तरह के प्रयासों को विफल नही
    किया गया तो आगे चलकर
    भीषण परिस्थितियों से देश झुलस उठेगा और
    हमारी सरकार जो देश को विकास के मार्ग
    पर ले जाना चाहती है वो आंतरिक और बाह्य
    संघर्षो में फस कर पंगु बन जायेगी।
    पोस्ट को लाईक और शेयर अवश्य करें ताकि
    यह सन्देश शीघ्र प्रसरित हो जाए।
    हिन्दू एकता – समृद्ध भारत

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  4. सावधान हिन्दुओ हिन्दू संतो पर ही षड़यंत्र क्यों , साईबाबा सिर्फ हिन्दू हे,और हिन्दू ही रहेंगे . साईबाबा की सम्पति हड़पने का षड़यंत्र हो रहा हे, साईबाबा को सूफी संत बनाके उनकी सम्पति मुस्लिम वफ्त बोर्ड को करने का षड़यंत्र कई सालो से चल रहा हे . आज तक कोई शाबित नहीं कर पाया की साईबाबा मुस्लिम हे, और नहीं कभी कोई कर पायेगा . तर्क साईं शरित्र किसने लिखा क्या साईबाबा ने लिखा हे नहीं . तो हम क्यों माने , साईबाबा ने तो नहीं कहा मुझे भगवन कहो तो हम उनका विरोध क्यों करे भगतो ने उनके नाम साईराम साइशयाम रखे तो उसमे साईबाबा की क्या गलती . चाँद मिया वगेरा सब लोगो की बनाई हुई कहानी हे , चाँद मिया नहीं बाबा का नाम था नहीं होगा वो उनके किसी साथी का था, क्या अपने देखा हे नहीं न फिर ये अँधा विश्वाश क्यों करे हम, साईं बाबा भगवान नहीं ये हम नहीं कह सकते, क्युकी शिर्डी में भी उनको सतगुरु साईं के नाम से पुकारा जाता हे में साईं बाबा का भगत नहीं हु , लेकिन बेवकूफ लोगो की बातो में आकर साईबाबा का अपमान करने का मुझे कोई हक़ नहीं हे , रही बात शंकराचार्य की . कभी हिन्दू संतो को जूठे आरोप लगने के बाद भी उन्होंने उनका support किया नहीं न, तिरुपति में मदरशा बन रहा था तभी विरोध किया नहीं न, गाय हत्या का कभी विरोध किया नहीं न बढ़ते धर्मान्त्र का कभी विरोध किया नहीं न, फिर ये धर्म के नाम पर लोगो की भावना दुखने का उनको कोई हक़ नहीं हे, ये वो ही शंकराचार्य हे जिसने मोदीजी को PM बनने का विरोध किया था, ये वो ही शंकराचार्य हे जिसने करोड़ो लोगो को वापस हिन्दू बनाने वाले बापूजी को कहा था ये संत नहीं हे, अगर ये हमारे हिन्दू धरम के विरोध काम कर रहा हे तो हम क्यों इसकी जूठी बातो पर विश्वाश करे , इसलिए सावधान रहे। . क्या संकराचार्य खुद एक हे नहीं न, जब खुद आपस में एक नहीं हे तो हमे क्यों लडवा रहे हे , सावधान रहे सर्तक रहे आपस में न लड़े न लड़ने दे , हिन्दू द्रोही ताकतों के षड़यंत्र में न फसे, और न किसीको फसने दे डट कर उनको मुह तोड़ जवाब दे, सत्य पहचाने और दुसरो को बताये, ये हिन्दुओ को धर्मान्त्र करवाने का षड़यंत्र हे इसलिए सावधान रहे , अपनी सँका का समाधान कर ले, मगर सच्चाई जाने बिना किसी क बारे में कोई गलत अफवा न फैलाये |

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