Tatvik Satsang

मृत्यु के बाद जीव को क्या होता है ?

       मृत्यु के बाद जीव को क्या होता है ?

varuni yog (1)

What happens to Life After Death -Pujya Asharam ji Bapu Satsang 2012मृत्यु के बाद जीव को क्या होता है ?परम पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की अमृतवाणीसत्संग के मुख्य अंश :* मृत्यु के बाद शरीर मूर्छित हो जाता है सवा दो मुहूर्त के लिए | ये भी प्रकृति की एक व्यवस्था है जीव को शरीर से बाहर निकालने की, क्योकि जिस शरीर में इतने साल रहा उससे जीव आसानी से निकलेगा नहीं | जब मूर्च्छा खुलती है तो शरीर के भीतर नहीं जा सकता ऐसी व्यवस्था कर देती है प्रकृति |* फिर जैसे हम किसी के शव को देखते हैं, वैसे ही वो अपने शव को देखता है, रिश्तेदारों को देखता है | जैसे संस्कार होते है वैसा ही मन बन जाता है मरने के बाद |* जैसे मुसलमानों में उपदेश है कि मरने के बाद कब्र में सो जाना है, फिर क़यामत के दिन मुहम्मद साब जिसकी सिफारिश करेंगे उसे बिस्त मिलेगा | तो उनके सूक्ष्म शरीर वहीँ रहते हैं | इसीलिए हिन्दुओं में प्रथा है कि शरीर जला दो ताकि जीवात्मा भटके नहीं |* फिर तीसरा मनाते है और सद्गति का भाव करते है | तो अगर किसी से मिलने की आसक्ति रह गयी हो तो वो भी मिट जाती है | इसीलिए ऐसी प्रथा है कि आगे की यात्रा हो और शरीर बदलते बदलते आत्मज्ञान पा ले | फिर जीव ब्रह्म की एकता हो जाती है |* वशिष्ठ जी कहते है हे राम जी ऐसे पुरुष ब्रह्मा होकर सृष्टि करते, विष्णु होकर पालन करते, रूद्र होकर संहार करते, फिर भी कुछ नहीं करते, सत्ता मात्र में रहते है | ये तीनों देव जिस परम देव की सत्ता से लीला करते रहते है वही आत्म देव है | वही आत्म देव तुम्हारे शरीर में खून की उत्पत्ति, पालन और कचरे को बाहर निकाल देता है |To Watch FREE LIVE Webcast on Mangalmay TV Visit :http://www.ashram.org/liveFor More Information Visit :http://www.ashram.org

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