संत वाणी, Mangalmay Channel

हमें मिटा सके ज़माने में दम नहीं

jmane me dam

हमे मिटा सके ये जमाने में दम नही, हमसे जमाना है जमाने से हम नही ! क्योकि हम आत्मा है और परमात्मा के है। हम भी चैतन्य है और परमात्मा भी चैतन्य है , हम परमात्मा की जात के है। मान-बड़ाई बढ़े -घटे  इसकी ऐसी तैसी , मान की इच्छा मत करो तो मान पीछे-पीछे फिरेगा और मान पकड़कर बैठोगे  तो अपमान से मारे जाओगे। यश के गुलाम हुए तो अपयश तुमको दबोच देगा। अरे ! भगवान ने भी तुमको अपना गुलाम बनाने के लिए पैदा नही किया भैया , अपना मित्र बनाने के लिए पैदा किया है…. 

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