कीर्तन

मधुर कीर्तन

29-11-14

मुझे वेद पुराण कुरान से क्या ?  मुझे सत्य का पाठ पढ़ा दे कोई ||
मुझे मंदिर मस्जिद जाना नहीं |    मुझे प्रेम का रंग चढ़ा दे कोई ||
जहाँ ऊँच या नीच का भेद नहीं जहाँ जात या पाँत की बात नहीं ||
न हो मंदिर मस्जिद चर्च जहाँ |   न हो पूजा नमाज़ में फर्क कहीं ||
जहाँ सत्य ही सार हो जीवन का |रिधवार सिंगार हो त्याग जहाँ ||
जहाँ प्रेम ही प्रेम की सृष्टि मिले |चलो नाव को ले चलें खे के वहाँ ||
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