Bapuji

मेरे “गुरु” की महिमा

 

Mere guru ki mahima

मेरे गुरु की महिमा

गुरु ही माँ है , गुरु ही पिया है , गुरु ही दिया है     गुरु ही मीत है , गुरु ही प्रीत है , गुरु ही जीवन है

गुरु ही प्रकाश है ,  गुरु ही जीवन-ज्योती हैै       गुरु ही सांस है , गुरु ही आस है , गुरु ही प्यास हैै
गुरु ही ज्ञान है . गुरु ही ससांर है ,  गुरु ही प्यार है , गुरु ही गीत है , गुरु ही संगीत है , गुरु ही लहर है
गुरु ही भीतर है , गुरु ही बाहर है , गुरु ही बहार है , गुरु ही प्राण है , गुरु ही जान है , गुरु ही संबल है
गुरु ही आलंबन है , गुरु ही दर्पण है , गुरु ही धर्म है , गुरु ही कर्म है , गुरु ही मर्म है , गुरु ही नर्म है
गुरु ही चमन है , गुरु ही मान है , गुरु ही सम्मान है , गुरु ही प्राण है , गुरु ही जहान है
गुरु ही समाधान है , गुरु ही आराधना है , गुरु ही उपासना है , गुरु ही सगुन है , गुरु ही निर्गुण है
गुरु ही आदि है , गुरु ही अन्त हैै , गुरु ही अनन्त है , गुरु ही विलय है , गुरु ही प्रलय है ,        गुरु ही आधि है
गुरु ही व्याधि है , गुरु ही समाधि है , गुरु ही जप है , गुरु ही तप है , गुरु ही ताप है , गुरु ही यज्ञः है
गुरु ही हवन है , गुरु ही समिध है , गुरु ही समिधा है , गुरु ही आरती है , गुरु ही भजन है , गुरु ही भोजन है
गुरु ही साज है , गुरु ही वाद्य है , गुरु ही वन्दना है , गुरु ही आलाप है , गुरु ही प्यारा है , गुरु ही न्यारा है
गुरु ही दुलारा हैै , गुरु ही मनन है , गुरु ही चिंतन है , गुरु ही वंदन है , गुरु ही चन्दन है ,, गुरु ही अभिनन्दन है
गुरु ही नंदन है , गुरु ही गरिमा है , गुरु ही महिमा है , गुरु ही चेतना है , गुरु ही भावना है , गुरु ही गहना है
गुरु ही पाहुना है , गुरु ही अमृत है , गुरु ही खुशबू है , गुरु ही मंजिल है , गुरु ही सकल जहाँ है , गुरु समष्टि है
गुरु ही व्यष्टिहै , रु ही सृष्टी है , गुरु ही दृष्टि है , गुरु ही तृप्ति है , गुरु ही भाव है , गुरु ही प्रभाव है
गुरु ही स्वभाव है

मेरे “गुरु” की महिमा क्या बताऊ
मेरे गुरु ही भगवान है |

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7 thoughts on “मेरे “गुरु” की महिमा

  1. गुरु ज्ञान के कुंडल पहनू ,
    गुरुभक्ति से मांग भरू ।
    गुरु मन्त्र की होठ पे लाली ,
    गुरुदर्शन से आँख अंजू ।
    गुरु आशीष का कंघा करके ,
    सेवा की मेहँदी हाथ धरु ।
    गुरु आश्रय की नाव बैठकर ,
    भव सागर को पार करू ।
    कुप्रचार के जूते पेहनू ,
    सुप्रचार से तिलक करू |
    विश्वगुरु की बांध करधनी ,
    गुरु को सत् सत् नमन करू ।

    मेरे “गुरु” की महिमा क्या बताऊ
    मेरे गुरु ही भगवान है |

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  2. “शरीर हु मै, तो मेरे प्राण हो तुम,
    मेरी आस्था का विश्वास हो तुम,
    जो खो गयी इस भीड़ में,
    मुझे थामने वाला हाथ हो तुम,
    जो पाया जगत में यही रह जाना है,
    जो मर के भी न छुते वो साथ हो तुम,
    संसार पुकारता बापू कह तुम्हे,
    मेरी आशाओं की श्रीराम हो तुम।”
    मेरे “गुरु” की महिमा क्या बताऊ
    मेरे गुरु ही भगवान है |

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  3. “गुरु जी आपकी रहमत उस रब से कम नहीं है ।
    बरसी आपकी खुदाई फिर कोई ग़म नहीं है ।
    खोजुँ कहाँ मैं किसको कहाँ कोई आपके सम है ।
    आप ही आसरा हो मेरा आप हीं सत्यं शिवं हो ।।

    अपनो ने साथ छोड़ा जग ने किया किनारा ।
    पकड़ा है हाथ आपने मुझको दिया सहारा ।
    बालक हूँ मै तो आपका पितु मात आप हमारे ।
    आपका साया जब दयालु कह कोई रंजों ग़म है ।।”

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  4. “संसार स्वप्न से युँ सदगुरु ने है जगाया ।
    माया का पर्दा चीरा अग्यान तम मिटाया ।
    परब्रह्म तत्व न्यारा घट घट में है समाया ।
    अणु अनु में वही व्यापक वही ऊँ शिवोहम् है ।।”

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  5. “गुरु समान दाता नहीं , याचक सीष समान ।
    तीन लोक की सम्पदा, सो गुरु दिन्ही दान ।।
    संपूर्ण संसार में गुरु के समान कोई दानी नहीं है और शिष्य के समान कोई याचक नहीं है । ज्ञान रुपी अमृतमयी अनमोल संपती गुरु अपने शिष्य को प्रदान करके कृतार्थ करता है और गुरु द्वारा प्रदान कि जाने वाली अनमोल ज्ञान सुधा केवळ याचना करके ही शिष्य पा लेता है”

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  6. हे गुरुदेव
    ना हम जी रहे हैं न हम मर सकते हैं
    तुम बिन ओ मेरे जोगी कहो क्या कर सकते हैं

    आँखे हैं गीली हरदम गला है रुंधा रुंधा
    ये देह पड़ी दूर पर दिल तेरे चरणों में बंधा

    वो पूनम के दर्शन वो गाड़ी का चलना
    वो सत्संग की मस्ती वो ध्यान का फलना

    वो तेरा ॐ नमो भगवते वासुदेवाय कहना
    तुम ज्ञान के सागर में सबका प्रेम की नदी बनकर बहना

    तेरे इंतजार में घंटो बिताना और तेरा व्यासपीठ पे आकर सबकुछ लुटाना
    तेरी एक नजर पाने को मेरा तरसना
    और तेरा प्रेम सुधा बनाकर सबपे बरसना

    अब लाखो आँखों से रोज रात को तकिये का गिला हो जाना
    और उसी तकिये को ह्रदय से लगाकर तेरा निशब्द सो जाना

    मुझे पहले के वो दिन वापस दे दो
    बापू …..
    अब लौट आओ बापू अब लौट आओ बापू लौट आओ।”

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