Abhyas, उद्देश्य, जीवन, दैवीय चमत्कार, बापू के बच्चे नही रहते कच्चे, यज्ञ, यौगिक प्रयोग, विचार विमर्श, विवेक जागृति, संस्कार सिंचन, सनातन संस्कृति, हाथ जोड़कर प्रणाम करने का आध्यात्मिक रहस्य, Bapuji, Indian Culture, Kriya Yoga

हाथ जोड़ कर प्रणाम करने का आध्यात्मिक रहस्य |

भारत में हाथ जोड़ कर प्रणाम करने की प्रचलित पद्धति एक मनोवैज्ञानिक पद्धति है। हाथ जोड़ कर आप जोर से बोल नहीं सकते।अधिक क्रोध नहीं कर सकते। और भाग नहीं सकते। यह एक ऐसी पद्धति है जिसमें एक मनोवैज्ञानिक दबाव होता है। इस प्रकार प्रणाम करने से सामने वाला व्यक्ति अपने आप ही विनम्र हो जाता है। किसी को प्रणाम करने के फलस्वरूप आशीर्वाद की प्राप्ति होती हैऔरउसका आध्यामिक विकास होता है।

आध्यात्मिक रहस्य :

दाहिना हाथ आचार अर्थात धर्म और बाँया हाथ विचार अर्थात दर्शन का होता है। नमस्कार करते समय दायाँ हाथ बाऐं हाथ से जुड़ता है। हमारे शरीर में दाईं ओर इड़ा और बांईं ओर पिंगला नाड़ी होती है तथा मस्तिष्क पर त्रिकुटि के स्थान पर शुष्मना का होना पाया जाता है।  अत: नमस्कार करते समय इड़ा, पिंगला के पास पहुंचती है तथा सिर श्रद्धा से झुका हुआ होता है।  हाथ जोड़ने से शरीर के रक्त संचार में प्रवाह आता है।  मनुष्य के आधे शरीर में सकारात्मक आयन  और आधे में नकारात्मक आयन विद्यमान होते हैं।  हाथ जोड़ने पर दोनों आयनों के मिलने से ऊर्जा का प्रवाह होता है।  जिससे शरीर में सकारात्मकता का समावेश होता है।

Advertisements
Standard

Your Opinion

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s