ईश्वर प्राप्ति

Shraddha ki pariskha (श्रद्धा की परीक्षा ) – Asaramji Bapu

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Shraddha ki pariskha (श्रद्धा की परीक्षा ) – Asaramji Bapu

श्रद्धा वह प्रकाश है जो आत्मा की, सत्य की प्राप्ति के लिए बनाये गए मार्ग को दिखावा रहता है। श्रद्धा की परीक्षा, जब भी मनुष्य एक क्षण के लिए लौकिक चमक-दमक, कामिनी और कंचन के लिये मोहग्रस्त होता है तो माता की तरह ठण्डे जल से मुँह धोकर जगा देने वाली शक्ति यह .. आसाराम बापूजी , श्रद्धा का अर्थ है–”सत्य में धारण करना”। ”श्रत्” अर्थात् सत्य, ”धा” अर्थात् ”धारण करना।” संसार की प्रत्येक वस्तु का विकास सत्य की तरफ है। अगर कहीं असत्य का प्राबल्य भी दीखता है तो सामयिक है, वह अपनी प्रतिक्रिया को उत्पन्न कर रहा होता है। सलिए सफलता तक पहुंचने के लिए बहुत जरूरी है पवित्र लक्ष्य के साथ जुड़ी अखंड श्रद्धा का होना। भारतीय जनमानस श्रद्धा प्रधान रहा है। श्रद्धावान व्यक्ति ही ज्ञान संपन्न और चरित्र संपन्न बनता है। श्रद्धा का अर्थ है सघन इच्छा अथवा … भक्त प्रह्लाद, स्वामी विवेकानंद , घाटवाले बाबा, निर्भयता, भजन , चमत्कार, तत्वज्ञान में हिलाने वाली बातें, ॐ

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8 thoughts on “Shraddha ki pariskha (श्रद्धा की परीक्षा ) – Asaramji Bapu

  1. Reblogged this on Shri Asaram Bapuji and commented:

    वास्तव मेँ गुरु की महिमा का पूरा वर्णन कोई कर सकता ही … श्रद्धा नहीँ होती, प्रत्युत उनके चेलोँ मेँ श्रद्धा होती है !

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  2. सभी धर्मों मैं – चाहे वह हिन्दू धर्म हो चाहे इसलाम धर्म, या अन्य कोई भी धर्म हो, उसमें श्रद्धा की आवश्यक्ता है।

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  3. Reblogged this on Asaramji Bapu Ashram and commented:

    श्रद्धा मनुष्य के भी ही नहीं पशु, पक्षी, उप, धातु पिल के प्रति … अद्धा का जाब तानों हुआ तो अद्धाश्यद बने महिमा घट जायेगी । … ब/यम बनाती व, आ यह, सुम और काग दो नहीं सब पाय श्रद्धा की …

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  4. jayshrikishana says:

    Reblogged this on Asharam Bapu Ashram and commented:

    Sant Shri Asharamji Ashram
    श्रीगुरुदेव की कृपा और शिष्य की श्रद्धा, इन दो पवित्र धाराओं का संगम ही दीक्षा है । गुरु का आत्मदान और शिष्य का ..

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  5. Sahu Suryabhan says:

    Reblogged this on Asharamji Bapu Ashram and commented:

    अपनी आत्मा की महिमा में विश्वास न करने को ही वेदांत में … अपने आप पर श्रद्धा, परमात्मा में श्रद्धा , यही महानता का ..

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  6. Reblogged this on Shri Asaramji Bapu and commented:

    जी-जी सकाम भक्त जिस-जिस देवता के स्वरूप की श्रद्धा से … की न जानने वालों की जिॉदT औीय जाजाने वालों की महिमा …

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