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Special occasion for Japa and Meditation : Ravivary Saptami


 

रविवारी सप्तमी

raviari saptami

साधना में तीव्रता से आगे बढने के लिए :

संत आशाराम बापू जी ने कहा है की रविवारी सप्तमी के दिन किया गया जप ध्यान लाख गुना फलदायी होता है | जितना फल दीवाली, जन्माष्टमी, होली और शिवरात्रि के दिनों में जप ध्यान करने से होता है उतना ही फल रविवारी सप्तमी के दिन भी करने से होता है |

समय : सूर्योदय से सुबह ८  बजे तक – ३० जुलाई २०१७
संत आशारामजी बापू जी ने कहा की साधको को साधना में उन्नति के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए :

१: मौन का अधिक से अधिक सेवन करे या जितना कम संभव हो उतना कम बोले |

२: अधिक से अधिक समय जप और ध्यान में लगाये |

३: उपवास करे और सिर्फ दूध का सेवन करे |

४: रविवारी सप्तमी के दिन और उससे एक रात पहले भूमि पर शयन का करें |

५: रविवारी सप्तमी से एक रात्रि पहले साधकों को चाहिए की वो एक मजबूत संकल्प ले की, मै कल मौन रखूँगा सद्ग्रंथो जैसे की “जीवन रसायन”, “इश्वर की ओर” और “दिव्य प्रेरणा प्रकाश” का पठन करूँगा और अपने आपको सतत जप और ध्यान में संलग्न रखूँगा |

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घातक रोगों से मुक्ति पाने का उपाय

घातक रोगों से मुक्ति :

रविवार सप्तमी के दिन बिना नमक का भोजन करें। बड़ दादा के १०८ फेरे लें ।

सूर्य भगवान का पूजन करें, अर्घ दें व भोग दिखाएँ, दान करें । तिल के तेल का दिया सूर्य भगवान को दिखाएँ व ये मंत्र बोलें :-
“जपा कुसुम संकाशं काश्य पेयम महा द्युतिम । तमो अरिम सर्व पापघ्नं प्रणतोस्मी दिवाकर ।।”

नोट : घर में कोई बीमार रहता हो या घातक बीमारी हो तो परिवार का सदस्य ये विधि करें तो बीमारी दूर होगी ।

सूर्य पूजन विधि :

१) सूर्य भगवान को तिल के तेल का दिया जला कर दिखाएँ , आरती करें |

२) जल में थोड़े चावल ,शक्कर , गुड , लाल फूल या लाल कुमकुम मिला कर सूर्य भगवान को अर्घ्य दें |

सूर्य अर्घ्य मंत्र : 1. ॐ मित्राय नमः। 2. ॐ रवये नमः। 3. ॐ सूर्याय नमः। 4. ॐ भानवे नमः। 5. ॐ खगाय नमः। 6. ॐ पूष्णे नमः। 7. ॐ हिरण्यगर्भाय नमः। 8. ॐ मरीचये नमः। 9. ॐ आदित्याय नमः। 10. ॐ सवित्रे नमः। 11. ॐ अर्काय नमः। 12. ॐ भास्कराय नमः। 13. ॐ श्रीसवितृ-सूर्यनारायणाय नमः।

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घातक रोगों से मुक्ति पाने का उपाय

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